राजियासर गाँव की पुरानी हवेली
राजियासर गाँव की यह हवेली लगभग 200 वर्ष पुरानी है। समय के लंबे अंतराल के बावजूद यह हवेली आज भी अपने पुराने स्वरूप में लगभग वैसी ही दिखाई देती है।
हाँ, इसकी दीवारों पर उम्र के निशान जरूर नजर आते हैं, लेकिन टूट-फूट बहुत कम हुई है, जो इसकी मजबूत बनावट और उत्कृष्ट निर्माण कला को दर्शाती है।
इस हवेली का निर्माण स्व. ठा. सा. श्री माल सिंह राठौड़ (पुत्र स्व. ठा. सा. श्री नौल सिंह राठौड़) द्वारा करवाया गया था।
आज भी इस हवेली में कुछ परिवारों का निवास है, जो इसे जीवित परंपरा और पारिवारिक इतिहास के रूप में संजोए हुए हैं।
यह हवेली राजियासर गाँव की सांस्कृतिक विरासत और स्थापत्य कला की पहचान बनी हुई है।
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