गाँव के मंदिर : श्रद्धा और परंपरा का संगम
गाँव में कई प्राचीन और पूजनीय मंदिर हैं, जो यहाँ की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। इनमें सबसे प्रमुख है श्री हनुमान (बालाजी) मंदिर, जिसका निर्माण करीब 200 वर्ष पहले करवाया गया था। समय के साथ यह मंदिर गाँव के लोगों की श्रद्धा का केंद्र बन गया। पहले इस मंदिर में केवल सफेदी और हल्की मरम्मत का काम ही होता था, लेकिन अब पुराने मंदिर को तोड़कर नया भव्य बालाजी मंदिर बनाया गया है, जिससे यह स्थल और भी सुंदर व आकर्षक दिखाई देता है। इस मंदिर के पुजारी श्री अमर दास स्वामी जी हैं, जो पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करवाते हैं।
दूसरा प्रमुख मंदिर शिव मंदिर है, जिसका निर्माण लगभग 50–60 वर्ष पहले हुआ था। हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें गाँव और आस-पास के कई लोग शामिल होते हैं। इस दिन मंदिर परिसर में भक्ति, संगीत और रौनक का सुंदर माहौल देखने को मिलता है।
इन दोनों मंदिरों की उपस्थिति से गाँव का वातावरण आध्यात्मिकता और शांति से भरा रहता है — जहाँ हर सुबह आरती की ध्वनि और श्रद्धा की भावना पूरे राजियासर में गूँजती है।
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