राजियासर गाँव की पुरानी हवेली
राजियासर गाँव की यह हवेली भी अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखती है। यद्यपि यह 200 वर्ष पुरानी तो नहीं कही जा सकती, परंतु लगभग 150 वर्ष से अधिक पुरानी अवश्य है। इस भव्य हवेली का निर्माण स्व. ठा. श्री किशन सिंह राठौड़ (पुत्र स्व. ठा. श्री बिन्जराज सिंह राठौड़) ने करवाया था।
यह हवेली गाँव के उत्तरी छोर पर, उतरादाबास में स्थित है। समय के साथ यह हवेली गाँव की वास्तुकला और इतिहास का प्रतीक बन गई है। आज भी इसमें कुछ परिवारों का निवास है, जो इसकी विरासत को जीवित रखे हुए हैं।
हालाँकि अब यह हवेली जर्जर होने लगी है — विशेषकर पीछे की ओर की दीवारों की ईंटें टूटने लगी हैं, और संरचना धीरे-धीरे ढहने की कगार पर पहुँच रही है।
यह हवेली राजियासर गाँव के गौरव और इतिहास की एक अमूल्य निशानी है, जिसे संरक्षण की आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ सकें।
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